राजधानी देहरादून में अनुसूचित समाज का बड़ा प्रदर्शन, कांग्रेस कार्यालय घेरने निकले लोगों ने मुस्लिम तुष्टीकरण और दलित-पिछड़ा विरोधी राजनीति का लगाया आरोप

राजधानी देहरादून में अनुसूचित समाज का बड़ा प्रदर्शन, कांग्रेस कार्यालय घेरने निकले लोगों ने मुस्लिम तुष्टीकरण और दलित-पिछड़ा विरोधी राजनीति का लगाया आरोप

राजधानी देहरादून में अनुसूचित समाज से जुड़े लोगों ने बड़ी संख्या में एकत्र होकर कांग्रेस प्रदेश कार्यालय का घेराव करने के लिए प्रदर्शन किया। हालांकि किसी भी प्रकार की अनहोनी से बचने के लिए पुलिस प्रशासन पहले से सतर्क रहा और कांग्रेस कार्यालय से पहले ही बैरियर लगाकर प्रदर्शनकारियों को रोक लिया।
प्रदर्शनकारियों ने कांग्रेस प्रदेश कार्यालय के प्रस्तावित घेराव को लेकर 10 सूत्रीय एजेंडा जारी किया। एजेंडे में कांग्रेस पार्टी पर प्रदेश में मुस्लिम तुष्टीकरण की राजनीति करने का आरोप लगाते हुए उसका विरोध दर्ज कराया गया। साथ ही सामाजिक समरसता और प्रदेश के शांतिपूर्ण माहौल को बनाए रखने की मांग की गई।
प्रदर्शनकारियों ने पिछड़े एवं दलित वर्ग के हितों की अनदेखी का आरोप लगाते हुए कांग्रेस पार्टी से इस पर स्पष्ट जवाब मांगा। संविधान निर्माता डॉ. भीमराव अंबेडकर के सिद्धांतों और विचारों के संरक्षण के लिए प्रदेश में स्तंभ स्थापित करने वाले मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को कांग्रेस द्वारा निशाना बनाए जाने पर भी कड़ी आपत्ति जताई गई।
एजेंडे में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा लागू की गई नीतियों और निर्णयों को सामाजिक न्याय को सशक्त करने वाला बताते हुए उनका समर्थन किया गया। साथ ही कांग्रेस द्वारा निकाली गई मुख्यमंत्री विरोधी यात्रा को दलित एवं पिछड़ा वर्ग विरोधी मानसिकता का प्रतीक बताते हुए उसका प्रतिवाद करने की बात कही गई।
प्रदर्शनकारियों ने कहा कि सामाजिक संगठनों की एकजुटता के माध्यम से लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण तरीके से विरोध दर्ज कराया जा रहा है। उन्होंने भविष्य में भी दलित एवं पिछड़ा वर्ग विरोधी किसी भी राजनीतिक गतिविधि का संगठित और लोकतांत्रिक ढंग से विरोध करने का संकल्प दोहराया।



