सीएम योगी ने उत्तराखंड मॉडल की सराहना की, कहा संस्कृति संरक्षण के साथ संतुलित विकास की मिसाल बना राज्य

सीएम योगी ने उत्तराखंड मॉडल की सराहना की, कहा संस्कृति संरक्षण के साथ संतुलित विकास की मिसाल बना राज्य

पौड़ी जनपद स्थित यमकेश्वर महादेव की पावन एवं ऐतिहासिक भूमि पर नवनिर्मित इंटर कॉलेज भवन के लोकार्पण कार्यक्रम के अवसर पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में उत्तराखंड में हो रहे विकास कार्यों की मुक्तकंठ से सराहना की। उन्होंने कहा कि देवभूमि उत्तराखंड आज धार्मिक और सांस्कृतिक मूल्यों का संरक्षण करते हुए विकास की नई ऊंचाइयों को छू रहा है, जो देश के अन्य राज्यों के लिए प्रेरणास्रोत है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि उत्तराखंड अपनी स्थापना की रजत जयंती के बाद विकास के एक नए युग में प्रवेश कर चुका है। राज्य सरकार शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, बिजली और बुनियादी ढांचे के विकास के साथ-साथ सनातन संस्कृति एवं धार्मिक स्थलों के संरक्षण पर भी विशेष ध्यान दे रही है। उन्होंने कहा कि विकास का वास्तविक अर्थ केवल भौतिक प्रगति नहीं, बल्कि संस्कारों, संस्कृति और सामाजिक मूल्यों के साथ संतुलित आगे बढ़ना ही सच्चा विकास है।
मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि यमकेश्वर महादेव जैसे पावन क्षेत्र में शिक्षा के आधुनिक केंद्रों का निर्माण यह दर्शाता है कि उत्तराखंड सरकार ग्रामीण और पर्वतीय क्षेत्रों में शिक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। नवनिर्मित इंटर कॉलेज भवन को उन्होंने क्षेत्र के बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की मजबूत नींव बताते हुए कहा कि बेहतर शैक्षणिक अधोसंरचना से गांवों में रहकर ही गुणवत्तापूर्ण शिक्षा संभव हो सकेगी।
उन्होंने राष्ट्रीय शिक्षा नीति–2020 का उल्लेख करते हुए कहा कि भारत की शिक्षा व्यवस्था आज एक बड़े परिवर्तन के दौर से गुजर रही है। यह नीति विद्यार्थियों को केवल किताबी ज्ञान तक सीमित रखने के बजाय उन्हें जीवन के हर क्षेत्र में सक्षम बनाने पर केंद्रित है। उन्होंने कहा कि गुरुकुल परंपरा से प्रेरित भारतीय शिक्षा प्रणाली सदैव संस्कार, आत्मनिर्भरता और परिश्रम पर आधारित रही है और आज उसी परंपरा को आधुनिक स्वरूप में आगे बढ़ाया जा रहा है।
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कोरोना महामारी के समय का एक प्रसंग साझा किया। उन्होंने बताया कि महामारी के दौरान राजस्थान के कोटा सहित अन्य स्थानों पर उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के कई छात्र फंस गए थे। उस समय उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा बसों की व्यवस्था की गई। इसी दौरान तत्कालीन उत्तराखंड मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने संपर्क कर उत्तराखंड के छात्रों की सहायता का अनुरोध किया, जिसके बाद उत्तर प्रदेश सरकार ने उत्तराखंड के छात्रों को भी सुरक्षित रूप से देहरादून और हल्द्वानी तक पहुंचाया।
मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि संकट के समय राज्यों के बीच सहयोग और संवेदनशीलता ही सुशासन की सबसे बड़ी पहचान होती है। उन्होंने उत्तराखंड सरकार की कार्यशैली की प्रशंसा करते हुए कहा कि राज्य ने आपदा प्रबंधन, शिक्षा, स्वास्थ्य तथा धार्मिक और सांस्कृतिक धरोहरों के संरक्षण में सदैव जनहित को सर्वोपरि रखा है।
उन्होंने गांवों की भूमिका पर विशेष बल देते हुए कहा कि गांव हमारी जड़ हैं और जब जड़ें मजबूत होती हैं, तभी विकास का वृक्ष फलता-फूलता है। गांवों को शिक्षा, तकनीक और नवाचार के केंद्र के रूप में विकसित करना समय की आवश्यकता है। उत्तराखंड सरकार का यह प्रयास ‘ग्राम स्वराज’ की परिकल्पना को साकार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उत्तराखंड सरकार द्वारा गांवों में बिजली, सड़क, शिक्षा और डिजिटल सुविधाओं का विस्तार आत्मनिर्भर भारत की दिशा में सकारात्मक पहल है। कार्यक्रम में उन्होंने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, पूर्व मुख्यमंत्री एवं हरिद्वार सांसद त्रिवेंद्र सिंह रावत, शिक्षा एवं स्वास्थ्य मंत्री डॉ. धन सिंह रावत सहित राज्य सरकार के जनप्रतिनिधियों के प्रयासों की भी सराहना की।
उन्होंने विश्वास जताया कि देवभूमि उत्तराखंड सनातन संस्कृति के संरक्षण के साथ विकास का एक आदर्श मॉडल प्रस्तुत करते हुए आने वाले समय में और अधिक सशक्त रूप में आगे बढ़ेगा।



