उत्तरकाशी के इस विज्ञान दिवस समारोह में इतिहास विभाग के डॉ. रमेश सिंह ने वैज्ञानिक विकास एवं दर्शनशास्त्र के ऐतिहासिक परिदृश्य पर तथा वनस्पति विज्ञान विभाग के डॉ. महेन्द्र पाल सिंह परमार ने सूक्ष्म वस्तुओं में विज्ञान विषय पर व्याख्यान दिया

उत्तरकाशी के इस विज्ञान दिवस समारोह में इतिहास विभाग के डॉ. रमेश सिंह ने वैज्ञानिक विकास एवं दर्शनशास्त्र के ऐतिहासिक परिदृश्य पर तथा वनस्पति विज्ञान विभाग के डॉ. महेन्द्र पाल सिंह परमार ने सूक्ष्म वस्तुओं में विज्ञान विषय पर व्याख्यान दिया

रामचंद्र उनियाल राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय उत्तरकाशी में धूमधाम से मनाया गया विज्ञान दिवस
रामचंद्र उनियाल राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय उत्तरकाशी में u-cost एवं लक्ष्य सोसायटी के तत्वावधान में आज बड़े ही उत्साह से विज्ञान दिवस मनाया गया । जिसका शुभारंभ महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो पंकज पंत के निर्देशन में आज के मुख्य अतिथि ज़िलाधिकारी महोदय प्रशांत आर्य (IAS), ITBP डिप्टी कमांडेंट लेखराज राणा (12 वीं वाहिनी), DFO डी. पी. बलोनी( IFS) ,रिव्यू ऑफ़िसर वन एवं पर्यावरण (सचिवालय) किशन असवाल एवं प्राचार्य प्रतिनिधि डॉ महेंद्र पाल सिंह परमार तथा अन्य प्राद्यापकों द्वारा दीप प्रज्वलन के साथ किया गया ।
इस वर्ष विज्ञान दिवस का शीर्षक है- विज्ञान में महिलाएं: विकसित भारत को उत्प्रेरित करना ”।
मुख्य अतिथि ज़िलाधिकारी महोदय ने अपने वक्तव्य में विज्ञान का समाज के विकास , मोबाइल के अधिक उपयोग से दुष्प्रभाव पर चर्चा करते हुए विज्ञान दिवस की शुभकामनाएँ दी । ज़िलाधिकारी महोदय का छात्र छात्राओं के साथ एक इंटरैक्टिव सत्र भी हुआ जिसमें छात्रों के द्वारा कई प्रश्नों को पूछा गया जिनका ज़िलाधिकारी महोदय द्वारा रोचक तरीक़े से उत्तर दिया गया ।साथ ही महिलाओं को प्रकृति से जोड़ते हुए विज्ञान में महिलाओं की बढ़ती भूमिका की सराहना की ।
रिव्यू ऑफ़िसर वन एवं पर्यावरण (सचिवालय) किशन असवाल ने अपने संबोधन में छात्र छात्राओं में वैज्ञानिक दृष्टिकोण को अपनाने की दिशा में कार्य करने की सलाह दी ।
DFO डी. पी. बलोनी( IFS) ने अपने प्रभावी वक्तव्य में “पावर आफ़ ओवजरवेसन “पर कई प्रेक्टिकल पहलुओं को बताते हुए विकसित भारत के लिए विज्ञान में महिलाओं का योगदान पर प्रकाश डाला
ITBP डिप्टी कमांडेंट लेखराज राणा ने विज्ञान दिवस पर वर्तमान में महिलाओं का विज्ञान में योगदान एवं सेना में विज्ञान एवं तकनीकी के महत्वपूर्ण योगदान पर प्रकाश डाला ।
प्रथम मुख्य वक्ता के रूप इतिहास विभाग के विभाग प्रभारी डॉ रमेश सिंह ने “ वैज्ञानिक विकास एवं दर्शन शास्त्र का ऐतिहासिक परिदृश्य “ पर अपने विचार व्यक्त किए
द्वितीय मुख्य वक्ता के वनस्पति विज्ञान विभाग के विभाग प्रभारी डॉ महेन्द्र पाल सिंह परमार ने “सूक्ष्म वस्तुओं में विज्ञान “ पर अपने विचार प्रस्तुत किए ।
कार्यक्रम का सफल संचालन शोध छात्रा किरन नेगी एवं डॉ रमेश सिंह ने किया।
इस अवसर पर महाविद्यालय में विभिन्न प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जिसमें महाविद्यालय के छात्र छात्राओं द्वारा एवं विभिन्न विद्यालयों के विद्यार्थियों द्वारा बढ़ चढ़कर प्रतिभाग किया गया । इस अवसर पर विभिन्न प्रतियोगिताओं में जिसमें चित्रकला प्रतियोगिता में सीनियर वर्ग में प्रथम खुशी उनियाल, द्वितीय दिक्षिता सेमवाल , तृतीय शिवानी असवाल एवं जूनियर वर्ग में प्रथम साम्भवी (एल्पाइन पब्लिक स्कूल), द्वितीय आर्याश्री (गोस्वामी गणेश दत्त विद्या मंदिर), तृतीय नीलम पटेल (गोस्वामी गणेश दत्त विद्या मंदिर), रहे।
छात्र व्याख्यान प्रतियोगिता में प्रथम सौरभ , द्वितीय आयुषी, तृतीय सलोनी रहे।
विजेता प्रतिभागियों को मुख्य अतिथियों द्वारा पुरस्कृत किया गया।
इस अवसर पर महाविद्यालय के सभी छात्र संघ प्रतिनिधि, प्राध्यापक, कर्मचारीगण एवं छात्र छात्राएँ उपस्थित रहे।



