उत्तराखंड

मुख्यमंत्री धामी के नेतृत्व में धर्मांतरण मामलों पर प्रशासन सख्त, गदरपुर में संयुक्त जांच के बाद बड़ा खुलासा

मुख्यमंत्री धामी के नेतृत्व में धर्मांतरण मामलों पर प्रशासन सख्त, गदरपुर में संयुक्त जांच के बाद बड़ा खुलासा

 

मुख्यमंत्री धामी के सख्त धर्मांतरण कानून के बीच उधम सिंह नगर के गदरपुर क्षेत्र में अनुसूचित जाति प्रमाण पत्र को लेकर बड़ा मामला सामने आया है। धर्म परिवर्तन से जुड़े तथ्यों के सामने आने के बाद प्रशासन ने संबंधित व्यक्ति के एससी जाति प्रमाण पत्र को निरस्त करने की संस्तुति जिला स्क्रूटनी समिति को भेज दी है। धामी सरकार द्वारा धर्मांतरण मामलों पर सख्ती के बाद जिला प्रशासन लगातार ऐसे मामलों की जांच में जुटा हुआ है।

जानकारी के अनुसार ग्राम मजारशीला, गदरपुर निवासी अरविंद सैनी ने प्रशासन को शिकायत देकर आरोप लगाया था कि गांव में अवैध रूप से चर्च का संचालन किया जा रहा है तथा लोगों का धर्म परिवर्तन कराया जा रहा है। धामी सरकार की ओर से धर्मांतरण मामलों को गंभीरता से लिए जाने के बाद प्रशासन ने शिकायत पर तत्काल जांच शुरू कर दी। उप जिलाधिकारी Richa Singh ने बताया कि राजस्व विभाग के अधिकारियों द्वारा संयुक्त जांच कराई गई।

जांच में सामने आया कि संबंधित व्यक्ति मूल रूप से हिंदू धर्म के अनुसूचित जाति समुदाय से जुड़ा था, लेकिन उसने कथित रूप से धर्म परिवर्तन कर लिया है। जांच के दौरान सोशल मीडिया गतिविधियों को भी आधार बनाया गया, जहां संबंधित व्यक्ति द्वारा धर्म परिवर्तन की सार्वजनिक घोषणा जैसी सामग्री मिलने की बात कही गई है। मुख्यमंत्री धामी के सख्त रुख के बाद प्रशासन ने पूरे मामले की रिपोर्ट तैयार कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है।

प्रशासनिक जानकारी के मुताबिक संबंधित व्यक्ति को तहसीलदार गदरपुर द्वारा 14 जनवरी 2019 को अनुसूचित जाति प्रमाण पत्र जारी किया गया था। अब राजस्व उप निरीक्षक और राजस्व निरीक्षक की संयुक्त रिपोर्ट के आधार पर इस प्रमाण पत्र को निरस्त करने की संस्तुति की गई है। उप जिलाधिकारी ऋचा सिंह ने बताया कि मामले की जांच संविधान (अनुसूचित जाति) आदेश 1950 तथा माननीय उच्चतम न्यायालय के दिशा-निर्देशों के अनुरूप की गई है। जांच पूरी होने के बाद संबंधित दस्तावेज और संयुक्त आख्या जिला स्क्रूटनी समिति को भेज दी गई है, जहां अंतिम निर्णय लिया जाएगा।

मुख्यमंत्री धामी द्वारा राज्य में लागू सख्त धर्मांतरण कानून के बीच तराई क्षेत्र में 80 गांवों के 105 जनजाति लोगों द्वारा हिंदू धर्म छोड़कर ईसाई धर्म अपनाने की खबर के बाद जिला प्रशासन और अधिक सक्रिय हो गया है। धर्मांतरण मामलों में लगातार सामने आ रही शिकायतों के बाद प्रशासन विशेष जांच अभियान चला रहा है। सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुसार धर्म परिवर्तन करने वालों को आरक्षण जैसी सुविधाएं नहीं मिल पाएंगी।

एडीएम Pankaj Upadhyay ने बताया कि नानकमत्ता में धर्म परिवर्तन मामले के बाद जिला प्रशासन ने विशेष जांच दल का गठन किया है, जो पूरे मामले की गहनता से जांच कर रहा है। मुख्यमंत्री धामी की सख्ती के बाद प्रशासन जिलेभर में धर्मांतरण से जुड़े मामलों पर नजर बनाए हुए है।

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